Devotion
चान मँगवा दऽ मइया
— राम बहादुर अधीर पिण्डवी
बाल समय हठ ठानि लिये, कहें श्याम खेलवना में चन्दा चाहीं।
जल्दी मंगवादऽ मइया हमरी, बिनु चान लिए हम मानबि नाहीं।
हमके खेले खातिर चान मंगवा दऽ मइया। साथै सगरी खेलवना की सजा दऽ मइया ।।
हमरा के देखि काहें चान मुसुकाला। पास नाही आवे जाने काहें छुपि जाला ।।
चन्दा मामा के तूहीं समुझा दऽ मइया ।।.......
रोज-रोज काहें तूहू चान के बोलावेलू । ओके झुठिलाइ दूध भतवा खिआवेलू ।।
आजु चन्दा के सथवे खिया दऽ मइया ।।
धरती पर अबही लोटाइ हम जाइबि। केतनो बोलइबू हम गोदिया ना आइबि ।।
नन्द बाबा के जाके तू बता दऽ मइया ।।.......
कान में कन्हइया की मइया समुझावें। रधिका से बियाह के बतिया बतावे ।।
गीति गइहें 'अधीर', बोलवा दऽ मइया ।।.....
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