Devotion
बिसरे ना बाबुल के अँगनवां
— राम बहादुर अधीर पिण्डवी
बिसरे ना बाबुल के अँगनवां हो रामा याद सतावे, बहुत याद आवे ।
संग के सहेलिया हमके सजवली । पीहर के रीति हमके समुझवली ।।
झर-झर बरसे नयनवां हो रामा, याद सतावे, बहुत याद आवे ।।........
भरि अँकवरिया रोवेली मोरि मइया। कहेली कि उड़ि जइहें सोन चिरइया ।।
सुन होइ जइहे अँगनवां हो रामा, याद सतावे, बहुत याद आवे ।।.........
लाल रे चुनरिया पेन्हावे भउजिया। मँगिया भरे साटि टिकुली विदिया ।।
सगरो पेन्हावें गहनवां हो रामा, याद सतावे, बहुत याद आवे ।।.........
दुअरा पर डोलिया कहार ले अइले । हमके बिठाइके लेइ चलि गइले ।।
माने ना हमरो कहनवां हो रामा, याद सतावे, बहुत याद आवे ।।.........
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