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Farmers & Laborers

भोजपुरिया मरदा

— राम बहादुर अधीर पिण्डवी

धोती कुरता पाँव में पनही, मथवा बान्हे पगरिया।

भोजपुरिया मरदा, चले कन्हवा धइ लउरिया ।।......

झूठ ना बखाने सबके अपना सा जाने। सिर ना झुकावे जो बाति कवनो ठाने ।।

सेति मेति करेना केहूके जी-हजुरिया ।।......

चाल मस्तानी बात करे मरदानी। लोगवा इहाँ के होला सब एक पानी ।।

काढ़ि लेला आँखि जे देखावेला अंगुरिया ।।.......

आन पर जो आवे कबो पीठि ना देखावे। बात करे साफ नाही बतिया बनावे ।।

डीठि ना गड़ावे देखि आन के बहुरिया ।।......

मेहनति मजूरी करि दिनवा बितावे। रतिया के लोग जुटि गावे-बजावे ।।

चाँपे कसिके भोज में दही चिउरा पुड़िया ।।......