Devotion
उधार माँगेला
— राम बहादुर अधीर पिण्डवी
देवरा चीजु एगो हमसे उधार मांगेला। बड़ी प्यार से ई चुम्मा हमार मांगेला ।।
कहेला कि दे देइबि सुधिया के सथवा। चलबि ससुरारि जब हम तोहरी संगवा
अम्मा जी के तरे हमसे दुलार मांगेला, बड़ी प्यार से ई चुम्मा हमार मांगेला ।।
बाटे अनबूझ ई कुछऊ ना जानेला। सूते के संगही जिद ई तऽ ठानेला ।।
नाही बोलेनी तऽ हमरो कपार जाँतेला, बड़ी प्यार से ई चुम्मा हमार मांगेला ।।
केतनो हम नीक पकाईं पकवनवां । तनिको ना भावे दुलरुवा की मनवां ।।
ई तऽ खाये खातिर नेबुआ अचार मांगेला, बड़ी प्यार से ई चुम्मा हमार मांगेला ।।
हमरो अधीर एगो लहुरा देवरवा । नीक नाहीं लागे जब जाई नइहरवा ।।
मन नइहर से ससुरा की ओर भागेला, बड़ी प्यार से ई चुम्मा हमार मांगेला ।।.........
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