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Village Life

इहे पहिचान बाटे

— राम बहादुर अधीर पिण्डवी

हमरी गउवां के इहे पहिचान बाटे। जहाँ खेतवा जोतत किसान बाटे ।।

मटिया जहाँ के हऽ बड़ी उपजाऊ । गाँव के किसान हउवे पूत कमाऊ ।।

डटल खेतवा में सँझवा बिहान बाटे। हमरी गउवां के इहे पहिचान बाटे ।।.......

रतिया के करेला खेत के सिंचाई। खेतवा की चिन्ता में नीदिया ना आई ।।

जेकर गेहुंआ की बलिया में जान बाटे। हमरी गउवां के इहे पहिचान बाटे ।।......

ईद बकरीद मनै इहवां दीवाली। लड़िका जनमला पर बाजेला थाली ।।

जहां शादी में होत मंगल गान बाटे। हमरी गउवां के इहे पहिचान बाटे ।।.......

निमिया पर रहेली जहाँ काली माई। पूजेली जेकरा के रोज हमार ताई ।।

जहां पिपरा पर ब्रह्म स्थान बाटे। हमरी गउवां के इहे पहिचान बाटे ।।.......